MANOJ SONY

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Monday, November 22, 2010

COMPUTER HARDWARE

क्या आप विंडोज एक्सपी के डिफॉल्ट फोल्डर आइकॉन्स जो कि बिल्कुल सिम्पल से एक ही पीले रंग के होते हैं की जगह रंगीन और खूबसूरत आइकॉन्स लगाना चाहते है?तो निचे दिए गए स्टेप्स को फोलो करें. जिस फोल्डर का आइकॉन चेंज करना हो उस पर राईट क्लिक करें. फिर property में जाएँ.फिर costomise पर क्लिक करें.अब change icon को क्लिक करें.अब आपको बहुत से खूबसूरत आइकॉन्स नज़र आयेंगे.उनमे से अपनी पसंद का आइकॉन सेलेक्ट करें और ओके करदें.फिर apply कर दें.अब आपका पीले रंग का आइकॉन आपके पसंद के आइकॉन में बदल जायेगा. इसी तरह आप कंप्यूटर के सभी फोल्डर्स के आइकॉन चेंज कर सकते ह


अक्सर हमारी यूएसबी पेन ड्राइव वाइरस या किसी और कारण से कई तरह के एर्रर देने लग जाती है और कई बार सामान्य तरीके से फोर्मेट करते समय भी एर्रर आ जाता है और पेन ड्राइव फोर्मेट नहीं हो पाती है.लेकिन एक तरीका है जिससे आपकी पेन ड्राइव फोर्मेट भी हो जाएगी और कोई एर्रर होगा तो वो भी ख़त्म हो जायेगा. सबसे पहले पेन ड्राइव को कंप्यूटर से जोड़ें. फिर माई कंप्यूटर पर राईट क्लिक कीजिये वहां आपको manage का आप्शन मिलेगा उसे क्लिक कीजिये.अब आपके सामने computer management की विंडो खुलेगी, उसमे disk management पर क्लिक कीजिये.अब दायीं तरफ आपके हार्डडिस्क और पेन ड्राइव की ड्राइव्स दिखने लग जाएगी.अब पेन ड्राइव पर राईट क्लिक करें फिर format पर क्लिक करें.अब जो सन्देश आये उसे yes कर दें फिर ok करदें.अब पेन ड्राइव फोर्मेट हो जाएगी और सभी एर्रर भी ख़त्म हो जायेंगे. एक बात और,फोर्मेट करने से पहले सावधानी से पेन ड्राइव की ड्राइव को सेलेक्ट करें ऐसा ना हो कि आप गलती से हार्डडिस्क की ड्राइव को फोर्मेट कर दें और आपका पूरा डाटा ख़त्म हो जाये.

इसी तरह आप एक साथ कई साइट्स को ब्लाक कर सकते हैं बस आईपी एड्रेस की संख्या एक एक बढाते रहे और आगे साईट का नाम लिखते रहें. अब नोटपेड से बाहर आ जाए और लिखे हुए को सेव कर दें. अब आपके कंप्यूटर पर आपकी ब्लाक की गयी साइट्स को कोई भी देख नहीं सकेगा.साइट्स को वापस दिखाने के लिए hosts में जो कुछ लिखा है उसको डिलीट मार दें.

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप अपने दोस्त से या बाज़ार से अपनी फेवरेट मूवी की सीडी बड़े शौक से लेकर आये हों और अपने कंप्यूटर पर कॉपी कर रहे हों.आधी सीडी कॉपी होने के बाद या बिलकुल अंत में आपका कंप्यूटर ये error दे दे cannot copy file मतलब कि सीडी कॉपी नहीं हो सकती.तो आपको कितना गुस्सा आएगा कि जो कॉपी हुआ उससे भी हाथ धोना पड़ा.यह error सीडी पर स्क्रेच के कारण आता है भले ही मामूली स्क्रेच ही क्यों ना हो.लेकिन एक तरीका है जिससे आप पूरी सीडी तो नहीं लेकिन जितना कॉपी हुआ हो उसको बचा सकते हैं. इसके लिए जब आप सीडी कॉपी कर रहे हों और यह error आ जाये तो की-बोर्ड से CTRL+ALT+DELETE को एक साथ दबाएँ तो टास्क मेनेजर की विंडो खुल जाएगी उसमे इस error को end task कर दें.अब जितनी सीडी कॉपी हुई है वो आपके कंप्यूटर में सुरक्षित हो जाएगी. अब बताइये कैसी लगी यह ट्रिक ..

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप अपने दोस्त से या बाज़ार से अपनी फेवरेट मूवी की सीडी बड़े शौक से लेकर आये हों और अपने कंप्यूटर पर कॉपी कर रहे हों.आधी सीडी कॉपी होने के बाद या बिलकुल अंत में आपका कंप्यूटर ये error दे दे cannot copy file मतलब कि सीडी कॉपी नहीं हो सकती.तो आपको कितना गुस्सा आएगा कि जो कॉपी हुआ उससे भी हाथ धोना पड़ा.यह error सीडी पर स्क्रेच के कारण आता है भले ही मामूली स्क्रेच ही क्यों ना हो.लेकिन एक तरीका है जिससे आप पूरी सीडी तो नहीं लेकिन जितना कॉपी हुआ हो उसको बचा सकते हैं. इसके लिए जब आप सीडी कॉपी कर रहे हों और यह error आ जाये तो की-बोर्ड से CTRL+ALT+DELETE को एक साथ दबाएँ तो टास्क मेनेजर की विंडो खुल जाएगी उसमे इस error को end task कर दें.अब जितनी सीडी कॉपी हुई है वो आपके कंप्यूटर में सुरक्षित हो जाएगी. अब बताइये कैसी लगी यह ट्रिक ..

system configuration utility विंडोज का बहुत उपयोगी टूल है इसमें हम अपने सिस्टम के स्टार्टअप प्रोग्राम्स और सर्विसेस को देख सकते हैं और अपनी मर्जी से बदलाव कर सकते हैं अब startup पर क्लिक करें अब आपके सामने ऑटोमेटिक स्टार्ट होने वाले सभी प्रोग्राम्स की लिस्ट आ जाएगी अब आप जिस जिस प्रोग्राम को स्टार्टअप से हटाना चाहते हैं उनको uncheck कर दें .यह ध्यान रहे कि कुछ प्रोग्राम्स का आपके सिस्टम के साथ स्टार्ट होना जरूरी है जैसे एंटीवायरस उनको uncheck न करें .अब apply कर दें फिर कंप्यूटर को रिस्टार्ट कर दें अब बताइये आपका सिस्टम तेजी से स्टार्ट होता है या नहीं

क्या आपका कंप्यूटर भी स्टार्ट होने में बहुत समय लेता है इसके कई कारण है जैसे वायरस या बूटअप में प्रॉब्लम लेकिन सबसे बड़ा कारण है आपके startup में बहुत ज्यादा प्रोग्राम्स का होना. हम रोज नए नए प्रोग्राम्स लोड करते रहते हैं लेकिन यह ध्यान नहीं देते की उनमें से कई हमारे startup में ऑटोमेटिक जुड़ जाते हैं तो जब विंडोज स्टार्ट होता है तो यह प्रोग्राम्स भी एक एक करके लोड होते रहते है तो स्टार्ट होने में समय ज्यादा लगता है . इसका एक उपाय है इन प्रोग्राम्स को startup से हटा देना .इन प्रोग्राम्स को आवश्यकता होने पर बाद में भी मेनुअल स्टार्ट कर सकते हैं . सबसे पहले आप start में जाएँ फिर run पर क्लिक करें अब आपके सामने एक बॉक्स खुल जायेगा उसमें टाइप करें msconfig फिर ओके कर दें अब आपके सामने system configuration utility की विंडो खुल जाएगी

टाइप करें.आपके टाइप करते ही सर्च बॉक्स के निचे आपका परिणाम मिल जायेगा नहीं तो enter कर दें आपको परिणाम मिल जायेगा . जोड़ के लिए - 8+4 enter बाकी के लिए- 8-4 enter गुणा के लिए- 8*4 enter भाग के लिए- 8/4

टाइप करें.आपके टाइप करते ही सर्च बॉक्स के निचे आपका परिणाम मिल जायेगा नहीं तो enter कर दें आपको परिणाम मिल जायेगा . जोड़ के लिए - 8+4 enter बाकी के लिए- 8-4 enter गुणा के लिए- 8*4 enter भाग के लिए- 8/4 enter क्या आपका कंप्यूटर स्टार्ट होने में ज्यादा समय लेता है? 3/2/2010 8:56:18 PM rafiq khan क्या आपका कंप्यूटर भी स्टार्ट होने में बहुत समय लेता है इसके कई कारण है जैसे वायरस या बूटअप में प्रॉब्लम लेकिन सबसे बड़ा कारण है आपके startup में बहुत ज्यादा प्रोग्राम्स का होना. हम रोज नए नए प्रोग्राम्स लोड करते रहते हैं लेकिन यह ध्यान नहीं देते की उनमें से कई हमारे startup में ऑटोमेटिक जुड़ जाते हैं तो जब विंडोज स्टार्ट होता है तो यह प्रोग्राम्स भी एक एक करके लोड होते रहते है तो स्टार्ट होने में समय ज्यादा लगता है . इसका एक उपाय है इन प्रोग्राम्स को startup से हटा देना .इन प्रोग्राम्स को आवश्यकता होने पर बाद में भी मेनुअल स्टार्ट कर सकते हैं . सबसे पहले आप start में जाएँ फिर run पर क्लिक करें अब आपके सामने एक बॉक्स खुल जायेगा उसमें टाइप करें msconfig फिर ओके कर दें अब आपके सामने system See more...

क्या आप को मालूम है कि आप गूगल सर्च से केल्क्युलेटर की तरह जोड़, बाकी, गुना और भाग कर सकते हैं. नहीं मालूम तो में आपको बताता हूँ .आप अपनी संख्या सर्च बॉक्स में निचे बताये गए तरीके से

क्या आप को मालूम है कि आप गूगल सर्च से केल्क्युलेटर की तरह जोड़, बाकी, गुना और भाग कर सकते हैं. नहीं मालूम तो में आपको बताता हूँ .आप अपनी संख्या सर्च बॉक्स में निचे बताये गए तरीके से टाइप करें.आपके टाइप करते ही सर्च बॉक्स के निचे आपका परिणाम मिल जायेगा नहीं तो enter कर दें आपको परिणाम मिल जायेगा . जोड़ के लिए - 8+4 enter बाकी के लिए- 8-4 enter गुणा के लिए- 8*4 enter भाग के लिए- 8/4 enter क्या आपका कंप्यूटर स्टार्ट होने में ज्यादा समय लेता है? 3/2/2010 8:56:18 PM rafiq khan क्या आपका कंप्यूटर भी स्टार्ट होने में बहुत समय लेता है इसके कई कारण है जैसे वायरस या बूटअप में प्रॉब्लम लेकिन सबसे बड़ा कारण है आपके startup में बहुत ज्यादा प्रोग्राम्स का होना. हम रोज नए नए प्रोग्राम्स लोड करते रहते हैं लेकिन यह ध्यान नहीं देते की उनमें से कई हमारे startup में ऑटोमेटिक जुड़ जाते हैं तो जब विंडोज स्टार्ट होता है तो यह प्रोग्राम्स भी एक एक करके लोड होते रहते है तो स्टार्ट होने में समय ज्यादा लगता है . इसका एक उपाय है इन प्रोग्राम्स को startup से हटा देना .इन प्रोग्राम्स को आवश्यकता होने पर बाद See more...

क्या आप को मालूम है कि आप गूगल सर्च से केल्क्युलेटर की तरह जोड़, बाकी, गुना और भाग कर सकते हैं. नहीं मालूम तो में आपको बताता हूँ .आप अपनी संख्या सर्च बॉक्स में निचे बताये गए तरीके से टाइप करें.आपके टाइप करते ही सर्च बॉक्स के निचे आपका परिणाम मिल जायेगा नहीं तो enter कर दें आपको परिणाम मिल जायेगा . जोड़ के लिए - 8+4 enter बाकी के लिए- 8-4 enter गुणा के लिए- 8*4 enter भाग के लिए- 8/4 enter क्या आपका कंप्यूटर स्टार्ट होने में ज्यादा समय लेता है? 3/2/2010 8:56:18 PM rafiq khan क्या आपका कंप्यूटर भी स्टार्ट होने में बहुत समय लेता है इसके कई कारण है जैसे वायरस या बूटअप में प्रॉब्लम लेकिन सबसे बड़ा कारण है आपके startup में बहुत ज्यादा प्रोग्राम्स का होना. हम रोज नए नए प्रोग्राम्स लोड करते रहते हैं लेकिन यह ध्यान नहीं देते की उनमें से कई हमारे startup में ऑटोमेटिक जुड़ जाते हैं तो जब विंडोज स्टार्ट होता है तो यह प्रोग्राम्स भी एक एक करके लोड होते रहते है तो स्टार्ट होने में समय ज्यादा लगता है . इसका एक उपाय है इन प्रोग्राम्स को startup से हटा देना .इन प्रोग्राम्स को आवश्यकता होने पर बाद See more...

२. सबसे पहले start पर जाएँ फिर all programs पर माउस ले जाएँ अब आपके सामने प्रोग्राम लिस्ट आ जाएगी उसमें accessories पर माउस ले जाएँ फिर system tools पर माउस ले जाएँ और लिस्ट में से system information को क्लिक कर दें थोड़ी देर में आपके सिस्टम की पूरी जानकारी आपके सामने आ जाएगी .
By MANOJ SONI 8950701904 on Manoj Sony on 10/27/10
जब आप नया कंप्यूटर खरीदते हैं या असेम्बल कराते हैं तो आपको उसके बारे में सभी जानकारी होती है की उसमे कोनसा मदरबोर्ड, प्रोसेसर, रैम आदि लगा हुआ है लेकिन जब आप सेकंडहैण्ड कंप्यूटर खरीदते है तो ये जानकारी आपको नहीं होती और दुकानदार जो बोले उस पर विश्वास करना पड़ता है .और केबिनेट खोल कर एक एक पार्ट को चेक करना एक टेढ़ा काम है. आमतौर पर हम प्रोसेसर वगैरह की जानकारी system की property में जाकर देखते हैं लेकिन वहां सीमित जानकारी होती है और कई बार गलत भी. एक्सपर्ट लोग इस जानकारी को चेंज कर देते हैं और p-3 को p-4 दर्शा देते हैं इस तरह हम धोके का शिकार हो जाते हैं . लेकिन विंडोज में कुछ टूल्स है जिनकी सहायता से हम अपने सिस्टम की सही सही जानकारी मालुम कर सकते हैं वो भी एक ही जगह . १. पहले start पर जाएँ फिर run में जाएँ वहां टाइप करे dxdiag फिर ओके कर दें अब आपके सामने आपके सिस्टम की पूरी जानकारी आ जाएगी

अगर आप चाहते हैं की आपकी गैर मौजूदगी में आपके कंप्यूटर पर कोई दूसरा व्यक्ति इन्टरनेट इस्तेमाल न कर सके तो इसके लिए निचे बताये गए तरीके पर अमल करें . पहले internet explorer को खोलें फिर tools पर जाएँ वहां से internet options को क्लिक करें अब जो विंडो खुलेगी उसमें से content को सेलेक्ट करें .वहां से content advisor में enable पर क्लिक करें.अब content advisor की विंडो खुलेगी उसमे general पर क्लिक करें.इस विंडो में supervisor password के सामने create password पर क्लिक करें वहां पर अपना पासवर्ड टाइप करें फिर ओके कर दें .अब बाहर आ जाएँ . अब कोई भी व्यक्ति आपके डाले गए पासवर्ड के बिना कोई भी वेबसाइट नहीं खोल सकता .यह ध्यान रहे यह पासवर्ड सिर्फ इन्टरनेट एक्स्प्लोरर के लिए है अगर आपके कंप्यूटर में दूसरा कोई वेब ब्राउजर है तो उस पर यह पासवर्ड लागू नहीं होगा और कोई भी वेबसाइट बिना पासवर्ड के खुल जाएगी . अब बताइये कैसी लगी जानकारी ..

अगर आप चाहते हैं की आपके अलावा दूसरा कोई व्यक्ति आपके कंप्यूटर की हार्डडिस्क ड्राइव्स मतलब कि C D E F आदि को देख और इस्तेमाल ना कर सके तो इसके लिए निचे बताये गए तरीके पर अमल करें. सबसे पहले start पर क्लिक करें फिर run में जाएँ वहां बॉक्स में टाइप करें gpedit.msc फिर ओके कर दें. अब आपके सामने group policy की विंडो खुलेगी उसमें से user configuration फिर administrative templates पर क्लिक करें फिर windows components पर क्लिक करें फिर वहां से windows explorer को खोलें. अब दायीं तरफ एक लिस्ट आएगी उसमे से hide these specified drives in my computer पर डबल क्लिक करें. अब जो विंडो खुले उसमें enabled को सेलेक्ट करें.सेलेक्ट करते ही निचे आपको कुछ आप्शन मिलेंगे.अब जो जो ड्राइव आपको छुपानी है उनको सेलेक्ट कर दें.अगर सभी ड्राइव्स को छुपाना हो तो restrict all drives को सेलेक्ट कर दें.अब apply करके ओके कर दें फिर बाहर आ जाएँ. अब जो जो ड्राइव आपने छुपाई है वो my computer से गायब हो जाएगी और कोई भी आम यूजर उनको देख नहीं सकेगा. ड्राइव्स को वापस my computer में दिखाने के लिए आखरी विंडो में enabled की जगह See more...

याहू यूजर्स पहले अपने याहू अकाउंट से login करें.अब ऊपर दायीं तरफ options पर क्लिक करें.अब एक ड्रॉप डाउन मेनू खुलेगा उसमे more options को क्लिक करें.अब बायीं तरफ से filters को सेलेक्ट करें.फिर create or edit filters पर क्लिक करें.अब अगले पेज में add पर क्लिक करें.अब अगले पेज में filter name में कुछ भी नाम डाल दें.और from header के सामने खाली बॉक्स में वो ईमेल एड्रेस लिख दें जिसको आप ब्लाक करना चाहते हैं.अब निचे move to message to में trash को सेलेक्ट कर दें.और अन्त में add filter पर क्लिक कर दें.अब दिए गए ईमेल एड्रेस से कोई भी मेल आपको रिसीव नहीं होगी.और सीधे ही trash के फोल्डर में चली जाएगी. इसी तरह आप अन्य ईमेल एड्रेस को ब्लाक कर सकते है.बस हर बार इसी तरह नया filter बनायें.

इन्टरनेट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल ईमेल भेजने या मंगाने में किया जाता है जो की बिल्कुल मुफ्त सर्विस है और बहुत उपयोगी भी.लेकिन कुछ लोग मुफ्त होने के कारण इसका इस्तेमाल लोगों को परेशान करने के लिए करते हैं.कुछ यार दोस्त भी फ़ालतू मेल भेजते रहते हैं.और कई कम्पनियाँ भी अपने विज्ञापन और ऑफर्स के मेल भेजती रहती है.और हमारा इनबोक्स हमेशा भरा रहता है.और इनको चेक कर कर के डिलीट करना हमारे लिए सरदर्द बन जाता है.यदि आप इन अनावश्यक ईमेल से परेशान हैं तो बताये गए स्टेप्स को फोलो करें. जीमेल यूजर्स पहले अपने जीमेल अकाउंट से login करें. अब ऊपर दायीं तरफ setting पर क्लिक करें.उसके बाद filters पर क्लिक करें.वहां आपको एक आप्शन मिलेगा create a new filter उस पर क्लिक करें.अब from फील्ड में वो ईमेल एड्रेस लिख दें जिसको आप ब्लाक करना चाहते हैं.अब next step पर क्लिक करें.अब choose action में delete it पर चेक का निशान लगा दें. अंत में create filter पर क्लिक कर दें.अब दिए गए ईमेल एड्रेस से भेजी गयी कोई भी मेल आपको रिसीव नहीं होगी बल्कि सीधे trash के फोल्डर में चली जाएगी.

इन्टरनेट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल ईमेल भेजने या मंगाने में किया जाता है जो की बिल्कुल मुफ्त सर्विस है और बहुत उपयोगी भी.लेकिन कुछ लोग मुफ्त होने के कारण इसका इस्तेमाल लोगों को परेशान करने के लिए करते हैं.कुछ यार दोस्त भी फ़ालतू मेल भेजते रहते हैं.और कई कम्पनियाँ भी अपने विज्ञापन और ऑफर्स के मेल भेजती रहती है.और हमारा इनबोक्स हमेशा भरा रहता है.और इनको चेक कर कर के डिलीट करना हमारे लिए सरदर्द बन जाता है.यदि आप इन अनावश्यक ईमेल से परेशान हैं तो बताये गए स्टेप्स को फोलो करें. जीमेल यूजर्स पहले अपने जीमेल अकाउंट से login करें. अब ऊपर दायीं तरफ setting पर क्लिक करें.उसके बाद filters पर क्लिक करें.वहां आपको एक आप्शन मिलेगा create a new filter उस पर क्लिक करें.अब from फील्ड में वो ईमेल एड्रेस लिख दें जिसको आप ब्लाक करना चाहते हैं.अब next step पर क्लिक करें.अब choose action में delete it पर चेक का निशान लगा दें. अंत में create filter पर क्लिक कर दें.अब दिए गए ईमेल एड्रेस से भेजी गयी कोई भी मेल आपको रिसीव नहीं होगी बल्कि सीधे trash के फोल्डर में चली जाएगी. याहू यूजर्स पहले अपने याहू अकाउंट से See more...

इन्टरनेट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल ईमेल भेजने या मंगाने में किया जाता है जो की बिल्कुल मुफ्त सर्विस है और बहुत उपयोगी भी.लेकिन कुछ लोग मुफ्त होने के कारण इसका इस्तेमाल लोगों को परेशान करने के लिए करते हैं.कुछ यार दोस्त भी फ़ालतू मेल भेजते रहते हैं.और कई कम्पनियाँ भी अपने विज्ञापन और ऑफर्स के मेल भेजती रहती है.और हमारा इनबोक्स हमेशा भरा रहता है.और इनको चेक कर कर के डिलीट करना हमारे लिए सरदर्द बन जाता है.यदि आप इन अनावश्यक ईमेल से परेशान हैं तो बताये गए स्टेप्स को फोलो करें. जीमेल यूजर्स पहले अपने जीमेल अकाउंट से login करें. अब ऊपर दायीं तरफ setting पर क्लिक करें.उसके बाद filters पर क्लिक करें.वहां आपको एक आप्शन मिलेगा create a new filter उस पर क्लिक करें.अब from फील्ड में वो ईमेल एड्रेस लिख दें जिसको आप ब्लाक करना चाहते हैं.अब next step पर क्लिक करें.अब choose action में delete it पर चेक का निशान लगा दें. अंत में create filter पर क्लिक कर दें.अब दिए गए ईमेल एड्रेस से भेजी गयी कोई भी मेल आपको रिसीव नहीं होगी बल्कि सीधे trash के फोल्डर में चली जाएगी. याहू यूजर्स पहले अपने याहू अकाउंट से See more...

क्या आप नेट पर काम करते-करते बोर हो गए हैं?क्यों ना थोडा सा मुस्कुरा लें. इस साईट को खोलें.और अपने माउस को लड़की के चेहरे के पास ले जाएँ या क्लिक करें.फिर देखें कैसे आपकी बोरियत मुस्कराहट में बदल जाती है.खुद भी देखें और दोस्तों को भी दिखाएँ.

ऑटोप्ले विंडोज का बहुत अच्छा फीचर है.ये ऑन होने पर हमारी सीडी या पेन ड्राइव कंप्यूटर में डालते ही ऑटो प्ले मतलब अपने आप खुल जाती है.हमें खोलने की मेहनत नहीं करनी पड़ती.लेकिन कई बार ऑटो प्ले होना बहुत खतरनाक भी हो जाता है जब हमारी सीडी या पेन ड्राइव में वायरस हो. और हमें ड्राइव को स्केन का मौका भी नहीं मिल पाता.और इस तरह हमारा कंप्यूटर वायरस की चपेट में आ जाता है.ऑटो प्ले आप्शन को ऑफ करके वायरस से बचा जा सकता है. इसके लिए सबसे पहले start पर क्लिक करें.फिर run में जाएँ.वहां टाइप करें gpedit.msc फिर ओके कर दें.अब आपके सामने ग्रुप पॉलिसी की विंडो खुलेगी.उसमें administrative templates पर क्लिक करें.फिर system पर क्लिक करें.अब दायीं तरफ लिस्ट में turn off autoplay पर क्लिक करें.अब एक विंडो खुलेगी उसमें enabled को सेलेक्ट करें.और निचे turn off autoplay on में all drives को सेलेक्ट करें.अब apply करके फिर ओके करके बाहर आ जाएँ.अब सीडी या पेन ड्राइव तब ही खुलेगी जब आप इसे खोलेंगे.

ऑटोप्ले विंडोज का बहुत अच्छा फीचर है.ये ऑन होने पर हमारी सीडी या पेन ड्राइव कंप्यूटर में डालते ही ऑटो प्ले मतलब अपने आप खुल जाती है.हमें खोलने की मेहनत नहीं करनी पड़ती.लेकिन कई बार ऑटो प्ले होना बहुत खतरनाक भी हो जाता है जब हमारी सीडी या पेन ड्राइव में वायरस हो. और हमें ड्राइव को स्केन का मौका भी नहीं मिल पाता.और इस तरह हमारा कंप्यूटर वायरस की चपेट में आ जाता है.ऑटो प्ले आप्शन को ऑफ करके वायरस से बचा जा सकता है. इसके लिए सबसे पहले start पर क्लिक करें.फिर run में जाएँ.वहां टाइप करें gpedit.msc फिर ओके कर दें.अब आपके सामने ग्रुप पॉलिसी की विंडो खुलेगी.उसमें administrative templates पर क्लिक करें.फिर system पर क्लिक करें.अब दायीं तरफ लिस्ट में turn off autoplay पर क्लिक करें.अब एक विंडो खुलेगी उसमें enabled को सेलेक्ट करें.और निचे turn off autoplay on में all drives को सेलेक्ट करें.अब apply करके फिर ओके करके बाहर आ जाएँ.अब सीडी या पेन ड्राइव तब ही खुलेगी जब आप इसे खोलेंगे.

अक्सर ऐसा होता है कि हम अपने कंप्यूटर से कोई सोफ्टवेयर या प्रोग्राम को रिमूव करते हैं तो वो प्रोग्राम all programs से तो हट जाता है लेकिन add or remove programs में उसकी एंट्री रह जाती और वहां हमें प्रोग्राम का नाम नज़र आ रहा होता है. ऐसा प्रोग्राम का पूरी तरह रिमूव नहीं होने के कारण होता है. इसके समाधान के लिए सबसे पहले start पर क्लिक करें फिर run में जाएँ. वहां टाइप करें regedit फिर ओके कर दें.अब आपके सामने रजिस्ट्री एडिटर की विण्डो खुलेगी उसमे बताये गए तरीके से क्लिक करते जाएँ. HKEY_LOCAL_MACHINE/SOFTWARE/microsoft/windows/currentversion/uninstall जब आप अंत में uninstall पर क्लिक करेंगे तो वहां आपके कंप्यूटर के सभी प्रोग्राम्स की लिस्ट आ जायेगी.अब आप जिस प्रोग्राम को हटाना चाहते हैं उस पर राईट क्लिक करके delete मार दें.यहाँ से डिलीट होने के बाद वो प्रोग्राम add or remove

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